ब्रसीनोस्टीरोइड्स: एक पादप स्टेरॉयड हॉर्मोन (भाग 1)

                       धृति कपूर, अमनदीप रत्तन, रेनू भारद्वाज

                                 वनस्पति एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर, पंजाब
Corresponding Author: डॉ. धृति कपूर (ई-मेल: [email protected])
                           अनुवाद एवं संपादन: मुनिबा फायज़ा, डॉ. प्रशांत पंत, एवं डॉ. अरुण कुमार मौर्य
Citation: कपूर, डी., 2016. ब्रसीनोस्टीरोइड्स: एक पादप स्टेरॉयड हॉर्मोन (भाग 1). स्वदेशी विज्ञान, 1(3) (जून).
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परिचय

ब्रसीनोस्टीरोइड्स एक महत्वपूर्ण पादप हार्मोन (plant hormone) है, जो पौधों की वृद्धि और विकास में सहायक हैं, और जन्तु स्टेरॉयड हार्मोन (animal steroid hormone ) से संरचनात्मक समानता (structural similarity) रखते हैं। हाल ही में, इन पादप-विशिष्ट स्टेरॉयड हार्मोन (plant specific steroid hormone) की पुष्टि करने पर पाया गया है कि इनकी जैव प्रक्रियाएं विविध परीक्षणों में और कृषि अनुप्रयोगों में काम आती हैं। यह पादप के सम्पूर्ण शरीर में सर्वत्र वितरित हैं और पादप विकास की व्यापक शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित रखते हैं।

अन्वेष्ण/खोज
ब्रसीनोस्टीरोइड्स की खोज मिशेल और उनके सह कार्यकर्ताओं ने ब्रैसिका नेपस (Rape; Brassica napus) के परागकणो से 1970 में की थी[1]| इसके लिए उन्होंने 60 पौधे की प्रजातियों का निरीक्षण किया। उनमे से आधी प्रजातियों में एक पौध-रसायन का उत्पादन  देखा गया। इस विकास को बढ़ावा देने वाले पदार्थों को ब्रैसिन‘  (Brassins) नाम दिया गया। उनमे से लगभग 227 किलो पराग कण निकाले गये। 1979 में, ग्रोव और सहयोगियों ने 40 किलो पराग कणों से 40 मिलिग्राम ब्रैसिन निकाला[2]| इन क्रिस्टलों का एक्स-रे क्रिस्टेलोग्राफिक विश्लेषण द्वारा इनकी संरचना पता लगने के बाद इस जैविक रूप से सक्रिय, पादप विकासीय पदार्थ का नाम ‘Brassinolide’ दिया गया। Brassinolide पहले ऐसे पादप स्टेरॉयड हार्मोन थे जिनका आण्विक सूत्र C20H48O और आणविक वज़न 480 है। 1982 में दूसरा स्टेरॉयड हार्मोन खोजा गया जिसका नाम “Castasterone” था| यह हॉर्मोन चेस्टनट वृक्ष (Chestnut tree, Castenea crenata) के कीट घाव से निकाला गया था[3]

ब्रसीनोस्टीरोइड्स प्राकृतिक रुप से पालीहाइड्राक्सीस्टेरॉयड हैं| इनका ढांचा 5α-कोलेस्ट्राल से बना है[1] और इसके यौगिकों को एल्किल प्रतिस्थापन (C27, C28, C29) के आधार पर बांटा गया हैं[4]| बैसीनोलाइड,24-इपीब्रैसिनोलाइड (Brassinolide, 24-epibrassinolide) (चित्र 1) और 28-होमोब्रैसिनों (28-Homobrassinolide) वह तीन ब्रसीनोस्टीरोइड्स हैं, जो जैविक रूप से सक्रिय हैं और इनका उपयोग शारीरिकी अध्ययन करने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है|

 

चित्र 1: 24-एपीब्रासिनोलॉईड की रासायनिक संरचना

चित्र 1: 24-एपीब्रासिनोलॉईड की रासायनिक संरचना

ब्रसीनोस्टीरोइड्स का वितरण

ब्रसीनोस्टीरोइड्स बहुत कम मात्रा मे भी जैविक रूप से सक्रिय होते हैं। ब्रैसीनोलाइड सेम पादप के दूसरे इंटरनोड जांच (internode assay) में 0.01 µg सांद्रता तथा पत्ती पटल झुकाव परख (assay) में 0.0005 µg सांद्रता पर क्रमानुसार सक्रिय पाए गए। ब्रसीनोस्टीरोइड्स व्यापक रूप से पादप जगत में वितरित हैं, जिसके अंतर्गत शैवाल, ब्रायोफाइट्स (Bryophytes), टेरिडोफाइट (Pteridophytes), और जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) के तीन कुल आते हैं तथा एनजियोओस्पर्म्स  (Angiosperms) के अंतर्गत, द्विबीजपत्री (Dicotyledons) और एकबीजपत्री (Monocotyledons) के 16 और 15 परिवार ऐसे हैं जिसमें ब्रसीनोस्टीरोइड्स क्रमानुसार पाए जाते हैं[5] | तालिका 1 में ब्रसीनोस्टीरोइड्स का पादप जगत में वितरण बताया गया है।


टेबल


तालिका 1: ब्रसीनोस्टीरोइड्स का पादप जगत में वितरण

ब्रसीनोस्टीरोइड्स के अंतर्जात स्तरों में भी भिन्नता पाई जाती है। ब्रसीनोस्टीरोइड्स की सर्वोच्च सक्रियता ब्रैसिका नेपस (Brassica napus) और विसिया फाबा (Vicia faba) में पाई गयी है, जो की 10 -7 नैनोमोल प्रति ग्राम (nmol g -1) है[6]| परागकण और अपरिपक्व बीज ब्रसीनोस्टीरोइड्स के मुख्य स्रोत हैं, जिसमें 1-100 नैनोग्राम प्रति ग्राम ताजा भार (fresh weight) हार्मोन पाए जाते हैं, जबकि तने में यही हॉर्मोन 0.01-0.1 नैनोग्राम प्रति ग्राम ताजा भार (fresh weight) की मात्रा में पाए जाते हैं[7]

इसी आलेख के अगले भाग में ब्रसीनोस्टीरोइड्स के प्रमुख कार्य, उनका अन्य हॉर्मोन के साथ अंतराकर्षण (interaction) व भविष्य कि संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

सन्दर्भ:

  1. Fujioka, S. and Sakurai, A. (1997). Biosynthesis and metabolism of brassinosteroids. Physiol. Plant. 100: 710-715.
  2. Bishop, G.J. and Yokota, T. (2001). Plants steroid hormones, brasinosteroids: Current Highlights of Molecular Aspects of their synthesis/metabolism, transport, perception and response. Plant Cell Physiol. 42: 114-120
  3. Rao, S.S.R., Vardhini, B.V., Sujatha, E. and Anuradha, S. (2002). Brassinosteriods- A new class of phytohormones. Sci. 82: 1239-1245.
  4. Yokota, T. (1997). The structure, biosynthesis and function of brassinosteroids. Trends Plant Sci. 2: 137-143.
  5. Clouse, S.D. and Sasse, J.M. (1998). Brassinosteroids: essential regulators of plant growth and development. Rev. Plant Physiol. Plant Mol. Biol. 49: 427-451.
  6. Khripach, V., Zhabinskii, V.N. and De Groot, A. (2000). Twenty years of brassinosteroids: steroidal plant hormones warrant better crops for the XXI century. Ann. Bot. 86: 441–447.
  7. Takatsuto, S., Yazawa, N., Ikekawa, T., Takematsu, T. (1983). Structure-activity relationship of brassinosteroids. 22: 2437-2441.

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